सौ साल पुरानी रामलीला में अतिक्रमण पर विवाद
धरने पर बैठे राम-लक्ष्मण, सीता और हनुमान
प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र के महेवा कला में 111 साल पुरानी रामलीला के आयोजन पर रास्ते के विवाद ने ग्रहण लगा दिया। राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की भूमिका निभाने वाले कलाकार ही धरने पर बैठ गए। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने रास्ते पर अतिक्रमण करने, डीजे बजाने से रोकने और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। करीब तीन घंटे तक चले गतिरोध के चलते गांव में विजय जुलूस नहीं निकल सका। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप और रास्ता खाली कराने का भरोसा मिलने पर कलाकारों ने धरना समाप्त किया। रात करीब साढ़े आठ बजे दशहरा मैदान में रावण दहन किया गया।
रामलीला कमेटी के प्रबंधन निदेशक आशुतोष श्रीवास्तव ने पुलिस को दी गई सामूहिक शिकायत में आरोप लगाया कि रामलीला के मुख्य मार्ग पर सेप्टिक टैंक, लोहे के एंगल, पाइप और छत का निर्माण होने से रास्ता बाधित हो गया है। उनके अनुसार, वर्ष 2011 में उपजिलाधिकारी मेजा के न्यायालय ने मार्ग को अतिक्रमणमुक्त कराने का आदेश दिया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। कमेटी के पदाधिकारियों और ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं
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