अखिलेश यादव ने उदय प्रताप सिंह के अभिनंदन ग्रंथ का किया लोकार्पण, यश भारती सम्मान की राशि दोगुनी करने का दिया भरोसा
लखनऊ, (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रख्यात कवि, साहित्यकार तथा हिन्दी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह के अभिनंदन समारोह में उन्हें बधाई देते हुए दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उदय प्रताप सिंह मूल रूप से समाजवादी चिंतनधारा के कवि हैं और उनकी रचनाएं समाज तथा साहित्य में विशेष स्थान रखती हैं।समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में मां संतोषी फाउंडेशन, मिश्राना मैनपुरी की ओर से आयोजित ‘डॉ. उदय प्रताप सिंह गुरु जी अभिनंदन ग्रंथ’ के लोकार्पण समारोह में अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने कवियों, साहित्यकारों और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर साहित्यकारों और प्रतिभाओं को उसी परंपरा के अनुरूप सम्मान दिया जाएगा तथा यश भारती सम्मान की राशि दोगुनी की जाएगी।अखिलेश यादव ने कहा कि उदय प्रताप सिंह की कविताएं व्यापक रूप से उद्धृत की जाती हैं, लेकिन उनकी पहचान एक समाजवादी चिंतनधारा के कवि के रूप में भी है। उन्होंने बताया कि उदय प्रताप सिंह ने ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित एक गीत, जिसमें 150 नामों का उल्लेख था, को हिन्दी में परिवर्तित कर समाजवादी पार्टी के गीत ‘मन से मुलायम’ का रूप दिया था।उन्होंने कहा कि उदय प्रताप सिंह मैनपुरी से दो बार सांसद रहे और राज्यसभा के सदस्य भी रहे। वर्ष 1993 में उन्होंने सूरीनाम में आयोजित विश्व हिन्दी सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी कवियों, साहित्यकारों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए उन्हें बधाई दी।सम्मान समारोह में उदय प्रताप सिंह ने अपने अभिनंदन के लिए मां संतोषी फाउंडेशन और सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सूरीनाम में आचार्य की डिग्री, यश भारती सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, लेकिन अपने गृह जनपद मैनपुरी से मिला यह सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कार्यक्रम में अपनी नई लिखी गजल भी प्रस्तुत की।कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में सूर्य कुमार पांडेय ने उदय प्रताप सिंह की बौद्धिक प्रखरता और समाजवादी प्रतिबद्धता की सराहना की। दीन मोहम्मद दीन और मस्ताना ने भी उन्हें बधाई दी। प्रसिद्ध कवयित्री सरिता शर्मा ने उन्हें संत बताते हुए कहा कि उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना ने कहा कि उदय प्रताप सिंह से उन्हें नकारात्मक बातों को मन में न रखने की सीख मिली। पूर्व आईएएस डीएन लाल ने उनके व्यक्तित्व को बहुआयामी बताया।इस अवसर पर मां संतोषी फाउंडेशन ने मैनपुरी की सांसद डिम्पल यादव को भी सम्मानित किया। अखिलेश यादव ने फाउंडेशन के सहयोगियों को भी कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी।अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण अखिलेश यादव ने किया। फाउंडेशन के संस्थापक सत्यसेवक मिश्र रहे। बलराम श्रीवास्तव, पंकज मिश्रा, इंजीनियर प्रतोष मिश्रा सहित पूरी टीम ने उदय प्रताप सिंह का अभिनंदन किया।कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, राजेन्द्र चौधरी, अंबिका चौधरी, अरविंद सिंह गोप, प्रो. रमेश दीक्षित, वंदना मिश्रा, चरन सिंह बशर, असीम यादव, मणींद्र मिश्र, दीपक कबीर, मालविका हरिओम, प्रो. लक्ष्मण यादव, श्याम मिश्रा, दीपक रंजन सहित बड़ी संख्या में कवि, साहित्यकार, समाजसेवी और समाजवादी पार्टी के नेता उपस्थित रहे।
अखिलेश यादव ने उदय प्रताप सिंह के अभिनंदन ग्रंथ का किया लोकार्पण, यश भारती सम्मान की राशि दोगुनी करने का दिया भरोसा
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