एमबीबीएस तृतीय बैच का श्वेत कोट व चरक शपथ समारोह संपन्न

एमबीबीएस तृतीय बैच का श्वेत कोट व चरक शपथ समारोह संपन्न

 

सुल्तानपुर । स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर में मंगलवार को एमबीबीएस के तृतीय बैच के विद्यार्थियों का श्वेत कोट एवं चरक शपथ समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा के प्रति समर्पण, नैतिकता, संवेदनशीलता और मानव सेवा का संकल्प दिलाया गया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. जे.पी. सिंह ने विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाई। वरिष्ठ सर्जन डॉ. ए.के. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन, ईमानदारी और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि श्वेत कोट चिकित्सा पेशे की गरिमा के साथ बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुशल चिकित्सक के साथ संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उपप्राचार्य डॉ. प्रियंक वर्मा भी समारोह में उपस्थित रहे। इसके बाद विद्यार्थियों को श्वेत कोट पहनाया गया। कोट धारण करते समय विद्यार्थियों में उत्साह और गर्व का माहौल रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी, सहायक आचार्य, जैव रसायन विभाग ने किया। समारोह में डॉ. आशीष बनर्जी, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. पायल सिंह, डॉ. सुशील, डॉ. संजय सिंह, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. जूही समेत कई संकाय सदस्य मौजूद रहे। वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों में डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. सिद्धांत और डॉ. आसिफ बेग तथा जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों में डॉ. अंजलि और डॉ. रोहित जायसवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह ने विद्यार्थियों की चिकित्सा शिक्षा की यात्रा में एक नई शुरुआत का संदेश दिया और उन्हें ज्ञान, कौशल, नैतिकता तथा मानवीय संवेदनाओं के साथ चिकित्सा सेवा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

दर्दनाक सड़क हादसा ट्रैक्टर-बाइक की भिड़ंत में दो युवकों की मौत, एक गंभीर

घर से शहर जाते समय बसौढ़ी के पास हुआ हादसा

कूरेभार/सुल्तानपुर। थाना क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बसौढ़ी के पास ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर से हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हादसे में दो युवकों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया।

तीन युवक बाइक से जा रहे थे सुल्तानपुर जानकारी के अनुसार, गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी बच्चन निषाद (21), नितिन (23) और विनोद (22) मंगलवार तड़के बाइक से सुल्तानपुर शहर जा रहे थे। वे अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर बसौढ़ी के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बच्चन निषाद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नितिन और विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने नितिन को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनोद का उपचार किया गया। इस हादसे में दो युवकों की जान चली गई, जबकि तीसरा युवक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। उपनिरीक्षक अनिल कुमार सक्सेना के मुताबिक मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। दो युवकों की असमय मौत की खबर से महमूदपुर गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बैंक मैनेजर एवं सहकर्मी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच जारी

महिला बैंककर्मी ने यौन उत्पीड़न के प्रयास समेत लगाए है अन्य गंभीर आरोप

सुलतानपुर। शहर के आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी ने अपने ही शाखा के मैनेजर आनंद पांडेय के खिलाफ यौन उत्पीड़न के प्रयास व धमकी समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारी ने बैंक मैनेजर का कथित रूप से सहयोग करने वाले सह बैंककर्मी पंकज सिंह का भी नाम मुकदमें में शामिल किया है। करीब एक सप्ताह पहले दर्ज हुए इस मामले के सम्बंध में महिला थाना प्रभारी हंसमती ने बताया कि जाँच जारी है। मामले में साक्ष्य के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कोतवाली नगर के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला कर्मचारी ने शहर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर आनंद पांडेय एवं सह कर्मी पंकज सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए गत 17 अक्टूबर को महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला कर्मचारी के आरोप के मुताबिक उनके पति से उनका विवाद चल रहा है,जिसकी वजह से उन पर ही स्वयं व अपने बच्चे की जिम्मेदारी है। आरोप के मुताबिक उनके महिला होने का नाजायज फायदा उठाकर उनके ब्रांच मैनेजर आनंद पांडेय विगत कई महीनो से उनके निजी जीवन से जुड़े सवाल पूंछकर परेशान करते रहे। महिला कर्मी के मुताबिक उन्हें डिप्टी मैनेजर के पद पर प्रमोशन कराने का झांसा दिया गया और उन्हें बैड टच करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का भी प्रयास किया गया। महिला कर्मचारी ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ कई बार इस तरीके की हरकत करने व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने,उनकी बात नहीं मानने पर डिमोशन करवा देने व जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए है। महिला कर्मचारी के मुताबिक ब्रांच मैनेजर ने सह बैंककर्मी पंकज सिंह के साथ मिलकर साजिशन उनके मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजकर और उसे डिलीट कर परेशान किए। आरोप के मुताबिक महिला कर्मी के पति के गृह जनपद में ट्रांसफर करा देने एवं नौकरी से इस्तीफा के लिए मजबूर कर देने का भी आरोप लगाया गया है। महिला कर्मचारी के मुताबिक उन्होंने विभागीय स्तर पर भी शाखा प्रबंधक के खिलाफ शिकायत की थी पर उनके प्रभाव के आगे कोई सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल महिला कर्मचारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर महिला थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, चुप है राजस्व महकमा

सुल्तानपुर। जिले की सदर तहसील के सरैया पूरे विसेन गांव में सार्वजनिक तालाब की भूमि पर अवैध पक्का निर्माण कराए जाने का आरोप सामने आया है। शिकायत में राजस्व विभाग के कर्मचारी अमरनाथ पाण्डेय और उनके परिजन तुंगनाथ पाण्डेय को आरोपित किया गया है। आरोप है कि पद का प्रभाव इस्तेमाल कर तालाब की जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने गाटा संख्या 630 पर सफेदा के पेड़ लगाकर बेचने और सरकारी धन के गबन का भी आरोप लगाया है। दावा है कि वन विभाग की जांच में लाखों रुपये की अनियमितता सामने आने के बावजूद मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मामले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि हाल ही में की गई आईजीआरएस शिकायत का निस्तारण क्षेत्रीय लेखपाल ने बिना मौके पर जांच किए ही कर दिया और तहसील से आख्या लगा दी। इससे शिकायत के निष्पक्ष निस्तारण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर तालाब की भूमि पर निर्माण रुकवाने, कथित अवैध कब्जे की जांच, दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, वन विभाग के आकलन के अनुसार सरकारी धन की वसूली तथा भ्रामक रिपोर्ट लगाने के आरोपों की जांच कर संबंधित लेखपाल पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना है कि प्रशासन सार्वजनिक तालाब की भूमि को अतिक्रमण से बचाने और शिकायत के निस्तारण में कथित लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

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