एकादशी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन

एकादशी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन

दो दिन में 1200,से अधिक मूर्तियों का हुआ विसर्जन सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद प्रयागराज में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। मंगलवार के बाद बुधवार को एकादशी पर अंदावां, नैनी स्थित नये यमुना पुल के पास और कालिंदीपुरम स्थित विसर्जन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और मां के जयकारों के बीच भक्तों ने नम आंखों से प्रतिमाओं को विदाई दी। इस दौरान ‘मां, अगले बरस तू जल्दी आना’ के उद्घोष से माहौल भक्तिमय हो गया। मंगलवार को दशमी पर भी कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था, जबकि बाकी प्रतिमाओं का विसर्जन एकादशी पर किया जा रहा है।

प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक लाने से पहले पूजा पंडालों में परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बंगाली समुदाय की महिलाओं ने सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला की परंपरा निभाई। ढाक की थाप पर महिलाओं ने नृत्य किया और मां से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। कई जगह चिवड़ा, दही और चीनी का पारंपरिक प्रसाद भी अर्पित किया गया।

धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद प्रतिमाओं को यात्रा के साथ अंदावां, नैनी स्थित नये यमुना पुल के पास और कालिंदीपुरम घाट लाया गया। रास्ते भर श्रद्धालु भक्ति गीत गाते और मां के जयकारे लगाते रहे। विसर्जन स्थल पर भी भक्त भावुक नजर आए। मां को विदाई देने के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अगले साल फिर आने की प्रार्थना की। घाट पर उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और आवाजाही के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अनिल कुमार के मुताबिक, मंगलवार दोपहर में बुधवार करीब चार बजे शाम तक लगभग 1200 प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए घाट पर तीन जेटियां बनाई गई हैं, ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जा सके।

विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, जल पुलिस और सिविल डिफेंस के वार्डेन व स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। ये टीमें सुबह नौ बजे से देर शाम तक तैनात रहकर श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा पर नजर रख रही हैं। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के समन्वय से विसर्जन की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। मां दुर्गा की विदाई के साथ कालिंदीपुरम घाट पर धार्मिक आस्था, बंगाली परंपराओं और भक्तों की भावनाओं का संगम देखने को मिल रहा

है।

 

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