सांध्यदैनिकों के लिए (दुर्ग) डॉक्टर के सूने मकान से एक करोड़ की चोरी वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार

सांध्यदैनिकों के लिए (दुर्ग) डॉक्टर के सूने मकान से एक करोड़ की चोरी वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार

0-47.64 लाख नकद समेत संपत्ति बरामद

दुर्ग, 01 नवम्बर (आरएनएस)। वैशाली नगर थाना क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती आभूषणों की चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, डायमंड ज्वेलरी से संबंधित संपत्ति, तीन वाहन, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित करीब एक करोड़ रुपये का मशरूका बरामद किया है। मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।

मामला डॉक्टर नमिता मित्तल के सुंदर नगर स्थित मकान में हुई चोरी का है। प्रार्थिया 17 अक्टूबर 2026 को परिवार के साथ घर में ताला लगाकर बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह लौटने पर अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी एवं डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। शिकायत पर थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना वैशाली नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी दौरान वैशाली नगर निवासी राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। घटना के आसपास उसे साथियों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा गया था। वारदात के बाद से ही वह फरार था।

महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश तक आरोपियों का पीछा

पुलिस ने आरोपियों की तलाश में गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही क्षेत्र में मिली। मुख्य आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस से बचने के लिए गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव से आवागमन कर रहा था।

स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी कर प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने चोरी में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।

चोरी के आभूषण खरीदने वाला ज्वेलर्स भी गिरफ्तार

पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। पुलिस की पूछताछ में ज्वेलर्स ने चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ जेवरों को अपने घर की भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात स्वीकार की।

इसके अलावा प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, उसने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, माल खपाने और आरोपियों को सहयोग करने के बदले लाखों रुपये प्राप्त किए थे।

चोरी की रकम से खरीदी कार और बाइक

जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी की रकम से अपने घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाया तथा करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी। वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी और उसी वाहन से वापस भिलाई आया।

पुलिस के मुताबिक, राहुल ने चोरी की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता एवं भाई के पास छिपाकर रखे थे। बाद में चोरी का माल लेने के लिए भिलाई पहुंचा, लेकिन पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर सुपेला चौक के आसपास अपनी एक्सयूवी छोड़कर फरार हो गया। उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने के लिए कहा था।

रात 3 बजे घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी

जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने चोरी की नकदी और आभूषणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए इनोवा वाहन क्रमांक ष्टत्र-11-ढ्ढ-9909 की व्यवस्था की थी।

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के करीब 3 बजे चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों और उनके सहयोगियों को आगे-पीछे से घेरकर पकड़ लिया गया। पुलिस ने इनोवा वाहन सहित नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए।

जांच में राहुल के माता-पिता और भाई की भूमिका चोरी का माल छिपाने तथा रकम का घरेलू खर्चों में उपयोग करने के संबंध में सामने आई है। वहीं अन्य सहयोगियों पर आरोपी को संरक्षण देने, वाहन उपलब्ध कराने और चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद करने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

प्रदीप कुमार चौधरी, निवासी जिला भदोही, उत्तरप्रदेश।

सुजीत सिंह, निवासी जिला मिर्जापुर, उत्तरप्रदेश।

सोनू जायसवाल, निवासी भदोही, उत्तरप्रदेश। (ज्वेलर्स)

रविन्द्र बंसोड़, निवासी वैशाली नगर, भिलाई।

किरण बंसोड़, निवासी वैशाली नगर, भिलाई।

आयुष बंसोड़, निवासी वैशाली नगर, भिलाई।

रेखचंद्र देवांगन, निवासी वैशाली नगर, भिलाई।

आकाश कुमार श्रीपाद, निवासी हाउसिंग बोर्ड, वैशाली नगर।

अमन सिंह, निवासी वृंदा नगर, कैंप-01, भिलाई।

मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

करीब एक करोड़ की संपत्ति बरामद

पुलिस ने आरोपियों से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के कंगन, चेन, लॉकेट एवं अन्य आभूषण, चांदी के आभूषण और चांदी के बिस्किट बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार (ष्ठरु-10-ष्टहृ-1411), नई सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त इनोवा वाहन (ष्टत्र-11-ढ्ढ-9909) जब्त किए गए हैं।

अन्य जब्त सामग्री में सोना-चांदी तौलने वाले दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक और कुल सात मोबाइल फोन शामिल हैं। बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।

सूने मकान को निशाना बनाने वाले गिरोह पर कार्रवाई

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने सूने मकान की पहचान कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और चोरी की संपत्ति आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाई। सोने के आभूषण कम कीमत पर बेचने और कुछ को गलाकर पहचान बदलने का प्रयास किया गया। चोरी की रकम से वाहन खरीदे गए तथा निजी और घरेलू निर्माण कार्यों में भी खर्च किया गया।

इस कार्रवाई में दुर्ग पुलिस की विभिन्न टीमों ने छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश तक दबिश दी। स्थानीय पुलिस के समन्वय से आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी के माल की बरामदगी और ज्वेलर्स की गिरफ्तारी की गई। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए जांच जारी है।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लंबे समय तक घर सूना छोड़कर बाहर जाने से पहले संबंधित थाना या बीट पुलिस को सूचना दें। घर में मजबूत ताले, सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम लगवाएं। बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण घर में रखने के बजाय बैंक लॉकर का उपयोग करें। आसपास संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क करें।

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