(नई दिल्ली)एसआईआर के विरोध में एकजुट हुआ विपक्ष, रामलीला मैदान पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू; सीजेपी ने बनाई रैली से दूरी

 

(नई दिल्ली)एसआईआर के विरोध में एकजुट हुआ विपक्ष, रामलीला मैदान पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू; सीजेपी ने बनाई रैली से दूरी

नई दिल्ली ,01 नवंबर ,(आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉकÓ की ओर से एसआईआर के विरोध में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जा रहा है। सुबह से ही विभिन्न राज्यों से भारी तादाद में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मैदान में पहुंचना शुरू हो गया है। इस संयुक्त रैली में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक मंच पर जुटकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार भरेंगे। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि इस रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

राहुल गांधी, खड़गे, अखिलेश और ममता बनर्जी करेंगे संबोधित

इस महारैली में विपक्षी एकता की मजबूत तस्वीर पेश करने की तैयारी है। मुख्य वक्ताओं के रूप में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित कई वरिष्ठ नेता जनता को संबोधित करेंगे। मंच से सभी नेता एक सुर में केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता का मुद्दा उठाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, 25 दिनों में 7वीं बार लामबंद हुआ विपक्ष

इस महारैली का प्रमुख एजेंडा एसआईआर (स्ढ्ढक्र) का कड़ा विरोध करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को पुरजोर तरीके से उठाना है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में निष्पक्षता और शुचिता का अभाव है। पिछले 25 दिनों के भीतर विपक्षी दलों की यह सातवीं बड़ी साझा लामबंदी है। इससे पूर्व 6 से 13 अक्टूबर के बीच भी विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सिलसिलेवार तरीके से छह अलग-अलग प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था।

कॉकरोच जनता पार्टी का नैतिक समर्थन, रैली से बनाई दूरी

उधर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन वोट चोरी और चुनावी विसंगतियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे सभी लोकतांत्रिक समूहों और संगठनों का पूरी तरह से नैतिक समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि उनका संगठन पूरी तरह गैर-राजनीतिक स्वरूप रखता है, जिसके चलते वे आधिकारिक तौर पर इस राजनीतिक रैली के मंच पर शामिल नहीं होंगे। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं तथा यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है।

00

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *