आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद को आईपी रामबृज ने लिखा माफीनामा
पुनर्बहाली की किया मांग और आसपा के रीति नीति पर कार्य करने को प्रतिबद्ध
प्रयागराज। हक वंचित शोषित भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के हक अधिकार व मान सम्मान व स्वाभिमान के लिए सतत संघर्ष करने वाले समाजसेवी, रंगकर्मी एवं रंगनिर्देशक एडवोकेट हाईकोर्ट आईपी रामबृज ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद से माफीनामा लिखकर मांग की है कि जाने अनजाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हमारे द्वारा पार्टी व पार्टी के पदाधिकारियों पर आरोपित पोस्ट से पार्टी या पदाधिकारियों की किसी प्रकार की छबि धूमिल हुई है तो मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं और उक्त गलती हेतु क्षमा प्रार्थी हूं।
रामबृज ने कहा कि जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होते। बहुजन समाज की सत्ता प्रतिस्थापित करने के लिए बहुजन समाज की गैर राजनैतिक जड़ों को मजबूत करना होगा। उक्त बातें परिवर्तन के महानायक हम सब के रहबर बहुजन मसीहा मान्यवर कांशीराम द्वारा कही ही नहीं गई बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यरूप में करके दिखाया भी। एक ओर जहां सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और बहुजन समाज को राजनीतिक सत्ता में भागीदारी दिलाना आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की मुख्य विचारधारा है। और पार्टी की विचारधारा मुख्य रूप से तथागत गौतम बुद्ध, संत कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों से प्रेरित है जिसके द्वारा समाज में जातिवाद, छुआछूत, ऊंच-नीच और भेदभाव समाप्त करके समानता पर आधारित समाज बनाना है ऐसी राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें सभी वर्गों को न्याय और बराबरी का अवसर मिले। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अन्य वंचित वर्गों को संगठित करके उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

